मध्यप्रदेश में ग्रीन बिल्डिंग को अतिरिक्त FAR: रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए बड़ा अवसर

मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए Green Building Concept को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत ग्रीन बिल्डिंग बनाने वाले प्रोजेक्ट्स को अतिरिक्त FAR (Floor Area Ratio) देने का प्रावधान किया गया है।

3/13/20261 min read

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मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए Green Building Concept को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत ग्रीन बिल्डिंग बनाने वाले प्रोजेक्ट्स को अतिरिक्त FAR (Floor Area Ratio) देने का प्रावधान किया गया है।
यह प्रावधान रियल एस्टेट डेवलपर्स, टाउनशिप प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल बिल्डिंग्स के लिए एक बड़ा अवसर है।
ग्रीन बिल्डिंग क्या होती है?
Green Building ऐसी इमारत होती है जो पर्यावरण पर कम प्रभाव डालती है और ऊर्जा, पानी तथा संसाधनों का कुशल उपयोग करती है।
ग्रीन बिल्डिंग की प्रमुख विशेषताएं:
  • ऊर्जा की कम खपत
  • वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting)
  • सौर ऊर्जा का उपयोग
  • प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन
  • कम कार्बन उत्सर्जन
  • पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री
भारत में ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन सामान्यतः इन संस्थाओं द्वारा दिया जाता है:
  • Indian Green Building Council (IGBC)
  • Green Rating for Integrated Habitat Assessment (GRIHA)
अतिरिक्त FAR का प्रावधान
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
यदि कोई भवन मान्यता प्राप्त एजेंसी से ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन प्राप्त करता है, तो उसे सामान्य FAR के अतिरिक्त अतिरिक्त FAR (Bonus FAR) प्रदान किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य है:
  • पर्यावरण अनुकूल भवन निर्माण को बढ़ावा देना
  • शहरों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाना
  • जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना
  • सतत शहरी विकास को बढ़ावा देना
डेवलपर्स को क्या लाभ मिलेगा?
ग्रीन बिल्डिंग बनाने से डेवलपर्स को कई फायदे मिल सकते हैं:
1. अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र
अतिरिक्त FAR मिलने से डेवलपर को ज्यादा फ्लोर एरिया बनाने की अनुमति मिलती है।
2. प्रोजेक्ट की अधिक बिक्री क्षमता
अधिक निर्मित क्षेत्र का मतलब है:
  • अधिक फ्लैट / ऑफिस स्पेस
  • प्रोजेक्ट की बेहतर लाभप्रदता
3. बेहतर ब्रांड वैल्यू
आजकल खरीदार भी पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देते हैं।
4. भविष्य की सरकारी नीतियों का लाभ
ग्रीन बिल्डिंग्स को भविष्य में और अधिक प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
किन प्रोजेक्ट्स पर लागू हो सकता है?
यह प्रावधान सामान्यतः इन प्रकार के प्रोजेक्ट्स पर लागू हो सकता है:
  • Residential Group Housing
  • Commercial Buildings
  • Integrated Townships
  • Large Institutional Buildings
ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन की प्रक्रिया
ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन प्राप्त करने के लिए डेवलपर को निम्न चरण पूरे करने होते हैं:
  1. प्रोजेक्ट का ग्रीन डिजाइन तैयार करना
  2. मान्यता प्राप्त संस्था में पंजीकरण
  3. ऊर्जा और जल दक्षता मानकों का पालन
  4. निर्माण के दौरान निरीक्षण
  5. अंतिम प्रमाणन (Certification)

तेजी से शहरी विकास की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में ग्रीन बिल्डिंग और सस्टेनेबल डेवलपमेंट भविष्य की जरूरत बन चुके हैं।

सरकार द्वारा अतिरिक्त FAR जैसे प्रोत्साहन रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।